जन्माष्टमी — कृष्ण का जन्म या तुम्हारे भीतर कुछ जन्म लेने की प्रतीक्षा?

जन्माष्टमी — कृष्ण का जन्म या तुम्हारे भीतर कुछ जन्म लेने की प्रतीक्षा? जन्माष्टमी — कृष्ण का जन्म या तुम्हारे भीतर कुछ जन्म लेने की प्रतीक्षा? By Prabhat Pandey · 4 September 2026 मेरे आत्मीय जनों हर वर्ष कृष्ण जन्म लेते हैं, मंदिरों में, झांकियों में, घंटियों और आरतियों में। लेकिन एक प्रश्न कभी तुमने […]
मक्खन : आत्ममंथन से अपने शाश्वत स्वरूप की पहचान

मक्खन : आत्ममंथन से अपने शाश्वत स्वरूप की पहचान मक्खन : आत्ममंथन से अपने शाश्वत स्वरूप की पहचान दही को देखो… वह एकरस है। मिला हुआ है, घुला हुआ है। उसमें कुछ अलग दिखाई नहीं देता। लेकिन उसी दही में कहीं मक्खन छिपा है। मक्खन दिखाई नहीं देता, लेकिन वह वहां है। और जब तक […]